Mirza Ghalib Poetry in Urdu

 

Mirza Ghalib Poetry in Urdu
Mirza Ghalib Poetry in Urdu


غالب چھٹیُ شراب پر اب بھی کبھی کبھی"

 "پیتا ہوں روزِ ابرو شبِ مہتا ب میں


The dominant holiday wine still sometimes

I drink eyebrows on the night of Mahtab


" प्रमुख हॉलिडे वाइन अभी भी कभी-कभी

महताब की रात मैं भौहें पीता हूँ "

ힼힼ


زندگی اپنی جب اس شکل سے گزری غالب "

 "ہم بھی کیا یاد کریں گے کہ خدا رکھتے تھے


Life is overwhelming when you go through this shape

What will we also remember that God had?


" जब आप इस आकार से गुजरते हैं तो जीवन भारी हो जाता है

हम क्या याद रखेंगे कि भगवान के पास था? "

ힼힼ


ہوئی مدت کے غالب مر گیا پر یاد آتا ہے "

 "وہ ہر اک بات پر کہنا کہ یوں ہوتا تو کیا ہوتا


I remember when Ghalib died

He would say in every word what would happen if that happened


" मुझे याद है जब ग़ालिब की मौत हुई थी

वह हर शब्द पर कहते थे कि अगर ऐसा हुआ तो क्या होगा "

ힼힼ


یہ مسائل تصوف یہ ترا بیان غالب "

 "تجھے ہم ول سمجتھے جو نہ بادہ خوار ہوتا


These issues prevail over Sufism

We thought of you as a will that would not have eaten


"सूफीवाद पर हावी हैं ये मुद्दे

हमने तुम्हें एक वसीयत समझी जो न खायी होगी"

ힼힼ


کیوں جل گیا نہ تابِررخ یار دیکھ کر"

"جلتا ہوں اپنی طاقت دیدار دیکھ کر


Why didn't you get burnt when you saw Tabirrukh Yar?

I am enraged to see my power


" तबीरुख यार को देखकर जले क्यों नहीं?

मुझे अपनी शक्ति देखकर क्रोध आता है "

ힼힼ


دشمنی ہو چکی بہ قدر وفا "

 "اب حق دوستی ادا کیجے


Enmity has become as much as loyalty

Now pay true friendship


 " दुश्मनी भी वफादारी जितनी हो गई है

अब अदा करो सच्ची दोस्ती "

ힼힼ


انکار میں وہ لذت، اقرار میں کہاں ہے؟ "

 "بڑھتا ہے شوق “غالب” تیرے نہیں نہیں میں.


Where is that pleasure in denial, in confession?

The hobby grows “dominant” in your no-no.


" इनकार में वह आनंद कहाँ है, स्वीकारोक्ति में?

शौक आपके नंबर में "प्रमुख" बढ़ता है। "

ힼힼ


صحرا کو بڑا عالم ھے اپنی تنہائی پر غالب"

"اس نے دیکھا نہں عالم میری تنہائی کا


The desert is a great world overcoming its loneliness

He did not see the world of my loneliness


" रेगिस्तान अपने अकेलेपन पर काबू पाने के लिए एक महान दुनिया है

उसने नहीं देखी मेरे अकेलेपन की दुनिया "

ힼힼ


ہم کو فریاد کرنی آتی ہے "

 "آپ سنتے نہیں‌تو کیا کیجے


We have to cry

You don't listen, so what?


" हमें रोना है

तुम नहीं सुनते, तो क्या? "

ힼힼ


ہم نے مانا کے تغافل نہ کرو گے لیکن "

 "خاک ہو جائیں گے ہم تم کو خبر ہونے تک


We will not ignore Mana but

We will be reduced to dust until you know


" हम माने को नजरअंदाज नहीं करेंगे बल्कि

हम तब तक मिट्टी में मिल जाएंगे जब तक आप नहीं जानते "

ힼힼ


ڑی عجیب ھے نادان دل کی خواھش یا رب "

"عمل کچھ نھیں اور دل طلب گار ھے جنت کا


How strange is the desire of an ignorant heart

Action is nothing and the heart desires heaven


"नादान दिल की चाहत भी कितनी अजीब होती है

कर्म कुछ भी नहीं है और हृदय स्वर्ग चाहता है"

ힼힼ


قطع کیجیے نہ تعلق ہم سے "

"کچھ نہیں ہے، تو عداوت ہی سہی


Don't cut ties with us

Nothing, even enmity


" हमसे नाता मत तोड़ो

कुछ नहीं, दुश्मनी भी "

ힼힼ


کبھی جو یاد بھی آتا ہوں میں، تو کہتے ہیں "

 "کہ “آج بزم میں کُچھ فتنہ و فساد نہیں


Sometimes I say whatever I remember

"There is no sedition in Bazm today


 " कभी-कभी मैं जो कुछ भी याद करता हूं वह कहता हूं

"आज बज़्म में कोई राजद्रोह नहीं है "

ힼힼ


نہ تھا کچھ تو خدا تھا کچھ نہ ہوتا تو خدا ہوتا "

"ڈبویا مجھ کو ہونے نے نہ ہوتا میں تو کیا ہوت


If there was nothing, there was God. If there was nothing, there would be God

What would I have done if I hadn't been drowned?


" अगर कुछ नहीं होता तो भगवान होता, अगर कुछ नहीं होता तो भगवान होता

अगर मैं डूबा नहीं होता तो क्या करता? "

ힼힼ


دل سے تری نگاہ جگر تک اتر گئی "

"دونوں کو اک ادا میں رضامند کر گئی


The wet look from the heart went down to the liver

Both agreed in one go


" दिल से गीला नज़ारा कलेजे तक उतर गया

दोनों एक बार में मान गए "


ힸힸힸힸힸ






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